Friday, 19 December 2014

1. मुझमें अब भी थोडा सा पहले जैसा मैं बचा हूँ,
    जब भी आइना देखता हूं यही एहसास करता हूँ !!

2. तमाम उम्र बस यूँ ही गुज़र गयी,
   वो सोचती रही वो मेरे लायक नही,
   मैं सोचता रहा मैं उनके लायक नहीं !!

3. ना कुछ बोली,
   ना कुछ कही,
   मुझे भूलना देना,
   इतना कह चलती बनी !!

4. किन-किन बातो को भूलू,
   किन-किन यादो को भूलू,
   रग-रग तू हर बात में है तू,
   अब तू ही बता दे, मैं कैसे,
   और किन-किन बात को भूलू !!

5. हो यकीन तो मान लेना,
   तुझे देखने के पश्च्यात,
   किसी और को नही देखा !! 

6. आप के ख्वाबो में न जाने हमने कितने सतरंगी महले हमने बना रखी है,
    उम्मीद से की आप आएँगी और इन महलो में खुशियो की दीप प्रज्वलित करेंगी !!

7. 

6 comments:

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  3. Hi pankaj,Your doing great job nice poem,I think its your hobby,Keep it up......

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  4. Hi pankaj,Your doing great job nice poem,I think its your hobby,Keep it up......

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  5. ,Your doing great job nice poem,I think its your hobby,Keep it up......

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  6. Bahut badiya Tiwari ji!! nice lines... why don't u continue writing poems as part of your hobby..

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